मेंहदी के हरे पत्ते पीसने के बाद क्यों हो जाता है लाल रंग ,जानें कारण

 हम आये दिन तीज त्योहारों पर या शादियों में अपने हाथों में मेहंदी जरूर लगाते हैं लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जब हम मेंहदी की पत्तियों को तोड़ते हैं तो उसका रंग हरा होता है लेकिन जब हम उस मेंहदी को पीसकर अपने हाथो पर लगते हैं और सूखने के बाद छुड़ा देते हैं तो उसका रंग लाल हो जाता है। क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि ऐसा होता क्यों है? अगर नहीं जानते तो इस आर्टिकल को आखिरी तक पढ़िए हम आपको बताएँगे की मेंहदी पीसने के बाद उसका रंग हरा से लाल क्यों हो जाता है कोई त्यौहार हो या फिर किसी की शादी मेहंदी लगाना हर लड़की की शौक होती है। मेहंदी लगाने के बाद हाथ की शोभा भी बढ़ जाती है। 

अगर आप मेरी बात करें तो मुझे भी मेंहदी लगाना बहुत पसंद है लेकिन जब मेंहदी का रंग हल्का हो जाता है तो मुझे अच्छा नहीं लगता। मेरी बात छोड़िये और हम मुद्दे की बात पर आते हैं।कोई त्यौहार हो या फिर किसी की शादी मेहंदी लगाना हर लड़की की शौक होती है। मेहंदी लगाने के बाद हाथ की शोभा भी बढ़ जाती है। अगर आप मेरी बात करें तो मुझे भी मेंहदी लगाना बहुत पसंद है लेकिन जब मेंहदी का रंग हल्का हो जाता है तो मुझे अच्छा नहीं लगता। मेरी बात छोड़िये और हम मुद्दे की बात पर आते हैं। दरसल जब मेंहदी पीसी जाती है तो इसमें एक प्राकृतिक डाई निकलती है जिसे लसोन कहा जाता है। हमारी त्वचा, नाखूनों और बालों में किरेटिन नाम का प्रोटीन पाया जाता है और जब हम अपने बालों या हाथों में मेंहंदी को लगाते हैं तो लसोन किरेटिन के संपर्क में आती है। इसके संपर्क में आने के कारण इसकी रासायनिक प्रक्रिया शुरू हो जाती है और मेहंदी लाल रंग का हो जाता है और यह हाथों या बालों पर कई दिनों तक बना रहता है। अगर हम बाजार से मेंहदी खरीदते हैं तो कुछ ऐसी भी मेंहदी की कीप आती हैं जिसमे कई तरह के ऐसे केमिकल मिले होते हैं कि वो लाल रंग कि जगह विपरीत रंग भी देते हैं। कई बार तो ऐसी मेहंदी मिल जाती है जो की हमारे हाथों के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होती है। इसीलिए लोग ज्यादातर ट्रस्टेड कंपनी की मेंहदी कीप ही खरीदते हैं।

Post a Comment

0 Comments