झूठ बोलने की बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अपनाएं यह तरीके

 आज मैं आपको बताऊंगा कि झूठ बोलना कैसे छोड़ सकते हैं आपको जानकर हैरानी होगी कि झूठ बोलना यह बीमारी है और आज मैं यही बताऊंगा कि आप इस बीमारी को अपने अंदर से कैसे निकाल कर बाहर कर सकते हैं क्योंकि यह बीमारी कोई अच्छी बीमारी नहीं है यह बहुत ही खराब और खतरनाक बीमारी है जिसके कारण आप बहुत ही बड़ी मुसीबत में भी पढ़ सकते हैं। झूठ बोलना हम बचपन में ही सीखते हैं और झूठ बोलना हम अपने माता-पिता या फिर परिवार वालों से ही सीखते हैं क्योंकि बचपन में हम जो भी देखते हैं हम वही सकते हैं अगर आपको बचपन में भुला जाए झूठ बोलना गलत बात है तो आपको पता होगा कि आपको झूठ नहीं बोलना है लेकिन अगर आप अपने परिवार वालों को ही आपके सामने झूठ बोलते देखेंगे तो आपको यह बात सही लगेगी और इस तरह आपको झूठ बोलने की आदत लग जाती है।

झूठ बोलने की बीमारी को लोग आम बातों में ऐसे ही नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन झूठ बोलना एक बहुत ही खतरनाक और बुरी बीमारी है क्योंकि इससे आपको कभी भी कहीं भी नुकसान हो सकता है झूठ बोलने की बीमारी से आप कभी भी सच बोलने से कतराते हैं और हमेशा आपको झूठ बोलने का ही मन करता है। ऐसा नहीं है कि इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है ऐसी बीमारी का होम्योपैथिक इलाज है तो चलिए जानते हैं झूठ बोलने की बीमारी का इलाज क्या है इस बीमारी का इलाज गोली खाकर कर सकते हैं। वेरेट्रम एल्बम 30 — रोगी म्लान-चित्त, उदास, जड़वत् बैठा रहता है, किसी बात पर उसका ध्यान नहीं जाता, पागलपन में वह चिल्लाता है, गालियां बकता है, कपड़े फाड़ डालता है। जब पागलपन का प्रभाव नहीं रहता, तब धोखा देता है, झूठ बोलता है और ठगने की कोशिश करता है, तब इस औषधि का प्रयोग करना चाहिए।

प्लम्बम 30 — धोखा देने और ठगने की प्रवृत्ति को यह औषधि दूर करती है।

ओपियम 200 — धोखा देना, ठगना, झूठ बोलना आदि दुर्गुणों के प्रबल हो जाने तथा उच्च-स्तर की मानसिक-शक्तियों के ढीली पड़ जाने में यह औषधि लाभप्रद है।

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