शिवराज सिंह चौहान: किसानों को पटवारी परेशान करते है तो कलेक्टर पर होगी कार्यवाही

सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को हितलाभ वितरित करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि प्रत्येक पटवारी को अपने हल्के की ग्राम पंचायत में प्रत्येक सोमवार और गुरूवार बैठना पड़ेगा। जहां ऐसा नही हुआ वहां ​सीधे कलेक्टर पर कार्रवाई करुंगा। यदि पटवारियों से परेशान किसी किसान की शिकायत मिली तो उस जिले के कलेक्टर पर कार्यवाही की जावेगी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक में अगर कर्जा लेना है तो संपत्ति बंधक बनाने में बहुत दिक्कत होती थी अब 31 बैंकों को ऑनलाइन बंधक सुविधा से जोड़ा जाएगा। आप अपनी जमीन को घर से ही गिरवी रखकर लोन ले सकेंगे। प्रदेश के सभी 52 जिलों में ऑनलाइन के माध्यम से नकल प्राप्त करने की सुविधा होगी और स्वामित्व योजना के अंतर्गत गांव की जमीन का सर्वे करके उसका मालिकाना हक लोगो को देंगे। 

इस घोषणा के बाद पूरे प्रदेश के जिला प्रशासन में खलबली मची है। चौथी बार मुख्यमंत्री ने कमान सम्हालने के बाद जहां मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पिछले आम चुनाव में अपनी हार के कारणों और लोगों की नाराज़गी को लेकर बेहद सधे हुए कदम उठा रहे है वहीं वे पार्टी में ही बैठे अपने विरोधियों को भी कोई मौका कुशासन के नाम पर नहीं देना चाह रहे है। पिछले दिनों मिलावटखोरो, गुंडों माफियाओं पर कार्यवाहियां तेज हुई है वहीं अब किसानों के भूमि संबंधी मामलों और कर्जा लेने में आने वाली कठिनाइयों और ब्याज पर उन्होंने किसानों के पक्ष में निर्णय लिया है, ये मध्यप्रदेश के पुराने मुख्यमंत्री का नया अवतार है।



प्रदेश में पटवारियों से लोग परेशान है वहीं शिकायतों पर कोई कदम नहीं उठाए जाने से भ्रष्टाचार भी चरम पर है ऐसे में मुख्यमंत्री की घोषणा से लोगो को राहत मिली है और अब सभी जिलों के कलेक्टर, तहसीलदार परेशान है। अब आगे ये देखना होगा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री की ये घोषणा कितनी कारगर साबित होती है और प्रदेशभर के पटवारी और कलेक्टरों की कार्यप्रणाली में इससे क्या फर्क आता है किसानों और गरीबों को कितनी राहत मिलती है साथ ही मुख्यमंत्री पटवारियों और जिला प्रशासन पर आगे कितनी कार्यवाही करते है।


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