सर्दियों के मौसम में खास रखना चाहिए इन बातों का ध्यान ,जानें

 दिसम्बर से फरवरी तक का महीना सर्दियों का होता है। हम सभी जानते है कि ठंड के मौसम में हमे खुद का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए क्‍योंकि इस मौसम में हाइपर्टेंशन जैसी समस्‍यायें भी हाे सकती हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार सर्दी के मौसम में लगभग 33 प्रतिशत लोगों का ब्लडप्रेशर हाई हो जाता है क्योंकि ज्यादा ठंड होने के कारण हमारे शरीर की धमनियां सिकुड़ जाती हैं और साथ साथ उनकी सक्रियता भी कम हो जाती है। इतना ही नहीं सर्दी के मौसम में हमारी अंत:स्रावी ग्रंथियों में से कुछ हॉर्मोंस बाहर निकलते हैं

जो हमारे शरीर को ठंडक से लड़ने में सहायता प्रदान करते है जिससे हमारे शरीर का मेटाबॉलिक रेट भी बढ़ जाता है और हमारे शरीर में उपस्थित धमनियों पर ख़ून के बहाव का अधिक दबाव पड़ता है। यही कारण है कि सर्दियों के मौसम में बहुत से लोगों का ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है। अब तक हम सभी सुनते आये है कि पुरुषीं में स्त्रियों की तुलना में हाई बी पी की समस्या अधिक होती है, लेकिन ये गलत है। अमेरिकन "वैक फॉरेस्ट बैप्सिस्ट मेडिकल सेंटर" में रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों ने अपने शोध में ये पता लगाया कि स्त्रियों में भी हाई बीपी की समस्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। उनमें हाई बीपी की समस्या पुरुषों की अपेक्षा कही ज्यादा गंभीर रूप धारण कर लेती है। अतः ये जरूरी है कि उनका उपचार जल्द से जल्द और अलग तरीके से किया जाए।  

  • बहुत ज्यादा ठंड में मॉर्निंग वॉक करने के लिए बाहर बिल्कुल भी न निकलें।
  • मॉर्निंग वाक या सुबह के व्यायाम के तुरंत बाद कॉफी या चाय का सेवन न करें।
  • ठण्ड के मौसम में 15 मिनट से ज्यादा एक्सरसाइज बिलकुल भी न करें। अगर हाई बीपी की समस्या हो तो अपने डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी एक्सरसाइज की शुरुवात न करें।
  • ध्यान रखे हर रोज़ कम से कम आधे घंटे तक धूप सके क्योंकि विटमों डी जो कि सूर्य की किरणों में मौजूद होता है वो हमारे ब्लडप्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है।

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