कर्म के द्धारा बदल सकते है हम अपना भाग्य ,जरूर जान ले यह खास बात

 जितना भाग्य मे होगा उतना तो मिलेगा ही, उसे थोडी न कोई छीन सकता है। आज के लोगो की यही सोच होती है जो आये दिन हमे सुनने को मिल जाती है। चलो हम मान लेते है कि जो भाग्य मे लिखा होता है, वही होता है लेकिन क्या हमने यह कभी सोचा कि अगर ऐसे ही होने लगे तो एक किसान खेतों मे मेहनत न करे। हमे उम्मीद जरूर करनी चाहिए पर उसके साथ ही साथ मेहनत पर भी ध्यान दे, जरूरी नही कि आप दिन के दस घंटे मेहनत करे, पर इतना जरूर करे कि आपको लगे कि हा शायद आज मैने कुछ ऐसा किया है जिसका हमे भविष्य मे कुछ अच्छा फल मिल सकता है। अच्छा सोचना, बुरा नही है



 इस दिमाग मे अच्छे बुरे सारे ख्याल आते है लेकिन आपको कोशिश करनी है कि आप ज्यादा से ज्यादा अच्छे ख़्यालों पर जोर दे। यानि अच्छे लोगों से मिले अच्छी किताबे पढ़े। आपने देखा होगा कि जब किसान फसल बोता है तो सबसे पहले उस खेत की सारी घास और गंदगी साफ करता है तब जाकर उसमे फसल को बोता है। हर दिन अपने आपको ऊपर उठता हुआ ही अनुभव करे। अपने समय का सदुपयोग करना सबसे जरूरी जिसने समय की इज्जत नही करी समझो वह कभी नही आगे बढ़ सकता। किसने आपको बुरा कहा या अच्छा यह सोचने से ज्यादा आप अपने परिवार और समाज के बारे मे सोचे कि कौन सी है वह सही दिशा जिसपर चल के आप अपने परिवार और समाज को आगे ले जा सकते है। लोग जिस हथेली को ज्योतिष को दिखा कर अपने भाग्य का रोना रोते है। वह यह भूल जाते है कि उस हथेली के आगे अंगुलियां भी होती है जिनका मतलब होता है कर्म यानि आपका भाग्य तो पहले से ही भगवान ने लिख दिया है लेकिन क्या आप मे इतनी क्षमता है कि उस भाग्य को आप बदल सको। कर्मशील बनो और जीवन मे आगे बढ़ते रहो पीछे देखना ही मना है, कर्म हमे दुनिया के किसी कोनो मे भी जाने पर सबसे अलग ही रखेगा। बड़ो की इज्जत करे अपने गुरू की इज्जत करे लोगो को सकारात्मक नजरिये से देखे। मेहनत आपकी और रहमत भगवान की यानि हमारा फर्ज है कर्म करना फल देना तो उस परमात्मा का काम है, आपने मेहनत की तो वह तो कृपा करेगे ही, भाग्य के भरोसे बैठना सही नही है। 

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