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ये है अद्भुत शहर जो अपने आप में कई इतिहास समेटा हुआ है ,जानें

वाराणसी भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध शहर हैं। बनारस को हिन्दू धर्म में सबसे अधिक पवित्र शहरों में से एक माना जाता हैं। मान्यता हैं कि बनारस भारत के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है, यह शहर अनेक वर्षो से उत्तर भारत का सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र रहा हैं। यहाँ का शास्त्रीय संगीत पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। भारत के कई दार्शनिक कवि, लेखक, और संगीतकार वाराणसी में ही जन्मे और विकसित हुए हैं विविधताओं से भरा यह शहर जो अपने आप में ही इतिहास हैं। जहाँ हर साल 10 लाख से भी अधिक तीर्थ यात्री और पर्यटक आते हैं।


पौराणिक कथाओं के अनुसार काशी नगर कि स्थापना भगवान शिव ने लगभग 5000 वर्ष पहले की थी। जिस कारण आज यह शहर एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। यही नहीं महाभारत, वैदिक काल कई ग्रंथो और पुराणों में भी इसका उल्लेख मिलता है। वाराणसी में सबसे प्रमुख आकर्षण का केंद्र श्री काशी विश्वनाथ मंदिर रहा हैं। जिसमें भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से मुख्य शिवलिंग यहाँ स्थापित हैं।यहाँ अनेक छोटी बड़ी नदियाँ बहती हैं, इनमें से सबसे मुख्य नदी गंगा नदी हैं। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार गंगा नदी में स्नान करने वाला सभी तरह के पापो से मुक्त हो जाता है। मान्यता हैं कि काशी में मृत्यु सौभाग्य से ही मिलती हैं। और यदि मिल भी जाये तो आत्मा पुनर्जन्म के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष पाती है।


वाराणसी में ही देवी सती का इक्यावन शक्ति पिंड में से एक पिंड काशी में गिरा था। आज वही स्थान विशालाक्षी मंदिर के नाम से जाना जाता हैं। वाराणसी हिन्दुओ के अलावा बौद्धों और जैन धर्मो के लिए भी जाना जाता हैं। वाराणसी के सारनाथ में जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना पहला प्रवचन दिया था। यहाँ 100 से भी अधिक घाट हैं। शहर के कई घाट मराठा साम्राज्य काल में बनवाए गए थे। यहाँ दाह संस्कार के लिए दो घाट है। हरिश्चन्द्र और मणिकर्णिका जो विश्वभर में प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यहाँ की चाय और बनारसी पान के टेस्ट के लिए देश, विदेश से पर्यटक आते हैं।

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