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सिर दर्द होने के होते है यह कारण जरूर रखें इन बातों का ध्यान

सिरदर्द आम बीमारी है। अधिकांश मामलों में थकान और चिंता के कारण सिर दर्द होता है। सिर दर्द होने पर किसी काम में मन नहीं लगता है और जिंदगी थम-सी जाती है। ऐसे में यदि कोई घरेलू उपाय मिल जाए जो तुरंत फायदा पहुंचाने वाला हो तो बात ही क्या?  सबसे आसान है नींबू और गुनगुने पानी का उपयोग। कई बार पेट में गैस बढ़ने के कारण सिर दर्द होता है। ऐसे में एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलकर सेवन किया जाए तो तुरंत फायदा होता है। इसमें थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है। इसका सेवन रोज सुबह खाली पेट किया जाए तो स्थायी फायदा होता है। पेट शांत रहेगा और सिर दर्द भी नहीं होगा।  सिर दर्द के सबसे आसान उपायों में शामिल है तेल मालिश। सामान्य खोपरे के तेल से लेकर सरसो के तेल से भी मालिश की जा सकती है। मालिश या मसाज करने से सिर की मांसपेशियों को आसाम मिलता है। 


सिर के चारों तरफ और गर्दन तक मालिश करें। बादाम या जैतून के तेल की मालिश की जा सकती है। सिर दर्द के कारणों में सबसे बड़ा कारण है नींद की कमी। नींद पूरी नहीं होने से सिरदर्द होना बहुत सामान्य है। इसलिए पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। सोते समय तकिये की स्थिति भी सिरदर्द का कारण बनती है। तकिया नर्म हो और सोते समय सीधा रखा हो। चंदन का पेस्ट सिरदर्द का बहुत पुराना इलाज है। चंदन की लड़की को घिसकर पेस्ट बना लें और माथे पर लगाएं। तत्काल आराम मिलेगा। अदरक सर्दियों में कई बीमारियों का इलाज करता है और सिर दर्द भी इनमें शामिल है। अदरक का उपयोग दो तरह से किया जा सकता है। इसके सेवन करके और दूसरे पेस्ट बनाकर सिर पर लगाकर। इन्हीं दो तरीकों से पुदीने का उपयोग भी किया जाता है। पुदीने की पत्तियों को पीसकर उनका रस माथे पर लगाएं या पुदीने की चाय बनाकर पिएं। 


तुलसी सिरदर्द भगाने का पक्का इलाज है। तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी में उबालें और छानकर पिएं। तुलसी को सामान्य तरीके से चबाने से भी सिरदर्द रफूचक्कर हो जाता है। 
4-5 लौंग लें और तवे पर सेंक लें। उन्हें छोटे से कपड़े में बांध कर पोटली बना लें और थोड़ी-थोड़ी देर में सूंघते रहें। इससे सिरदर्द तुरंत दूर हो जाएगा। सेब में नमक लगाकर खाने से सिरदर्द तुरंत दूर होता है। कई लोगों को चाय पीने या तंबाकू खाने की इतना आदत पड़ जाती है कि समय पर ये नहीं मिलें तो सिर दर्द करने लगता है। काली मिर्च और पुदीने की चाय सेहत को फायदा पहुंचाती है। माइग्रेन के कारण होने वाला सिरदर्द बहुत परेशान करता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि लैपटॉप पर एक ही स्थिति में लंबे समय तक काम न करें। बीच-बीच में उठते रहें और गर्दन की एक्सरसाइज करते रहें। सिरदर्द की बीमारियों का कारण हो सकता है। यदि सामान्य उपायों से मदद नहीं मिलती है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।सिर में होने वाला तेज दर्द माइग्रेन होता है। यह दर्द कान, आंख के पीछे और कनपटी के साथ सिर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। 


माइग्रेन का दर्द कभी-कभार इतना तेज होता है कि असहनीय हो जाता है। ऐसे में इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है और फौरन डॉक्टरी सलाह के साथ ही कुछ घरेलू उपायों को करने की भी जरूरत होती है। वैसे तो यह एक आनुवांशिकी बीमारी है जो कई वजहों से होती है। माइग्रेन के लक्षणों में जी मिचलाना, शरीर में असहज होना और सिर में भारीपन होना प्रमुख है। इस बीमारी में सिर के एक हिस्से या किसी भी हिस्से में जो गर्दन से सटा होता है तेज दर्द होता है। इसकी वजह से तनाव और आंखों में तकलीफ भी हो सकती है। माइग्रेन का दर्द ज्यादातर शाम के वक्त होता है।

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