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अगर आपके बच्चे को भी दूध से है एलर्जी, तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खें

फूड एलर्जी  बच्चों सहित किसी को भी हो सकती है। वयस्कों को यह पता चल जाता है कि उन्हें किस वस्तु से एलर्जी है, लेकिन बच्चे नहीं कर सकते। यह पता लगाना माता-पिता की जिम्मेदारी है कि उनके बच्चे को कुछ खाने या डेयरी आइटम से बच्चे को परेशानी तो नहीं है। बच्चों में सबसे आम है। बच्चों में दूध  से एलर्जी लैक्टोज इनटोलरेंस के कारण होती है। उन्हें लैक्टोज  को पचाने में असमर्थता होती है। लैक्टोज दूध व दूध से बने उत्पादों में पाया जाने वाला प्राकृतिक शुगर है। जब किसी को दूध हजम नहीं हो पाता है तो उसे लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है। इससे एलर्जी की समस्या के साथ-साथ पाचन से जुड़ी समस्याएं भी होती हैं। से जुड़ीं एम्स की डाक्टर वीके राजलक्ष्मी का बोलना है कि दूध से एलर्जी दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन के प्रति रिएक्शन होती है। शरीर का इम्यून सिस्टम दूध के प्रोटीन से प्रभावित होता है व कई तरह के लक्षणों को दिखाता है 


जैसे दस्त, पेट दर्द, चकत्ते आदि। दूध से अगर बच्चे को एलर्जी है तो इसका प्राथमिक इलाज है दूध या इससे बने उत्पादन का सेवन न करना। आमतौर पर यह एलर्जी खुद ही समय के साथ समाप्त हो जाती है। लेकिन सबसे जरूरी है माता-पिता बच्चों की इस बात को समझें कि उन्हें दूध से एलर्जी है। इसके लिए ठीक ढंग से इसके संकेतों को समझने की आवश्यकता है। खास बात यह है कि हर बच्चे के लिए दूध से एलर्जी के लक्षण भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। ये दूध या इससे जुड़े उत्पाद खाने या पीने के कुछ मिनट या घंटे बाद दिखाई देते हैं। उल्टी आना, होंठ, जीभ या गले में सूजन, खांसी या सांस फूलना, पित्ती, घरघराहट महसूस हो या फिर होंठ या मुंह के आसपास खुजली होने लगे। अन्य लक्षणों में पेट में ऐंठन, आंखों में पानी, नाक बहना, निगलने में परेशानी, दस्त जिसमें खून भी होने कि सम्भावना है, सिर दर्द, घुटन आदि शामिल होते हैं। जिन बच्चों को एक्जिमा होता है, उन्हें एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है। इसमें पारिवारिक इतिहास भी जरूरी है। यदि माता-पिता को किसी भोजन से जुड़ी एलर्जी है तो बच्चों को भी जोखिम ज्यादा होता है।


बेहतर है कि इसके बचाव के लिए तरीका अपनाएं। सबसे आसान तरीका है कि दूध व इससे बनी चीजें जैसे घी, छाछ, मक्खन, पनीर, चीज़, क्रीम, कस्टर्ड आदि के सेवन से बचें। रहित विकल्प तलाशें जिसमें पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, विटामिन डी व प्रोटीन हो, जो आमतौर पर दूध से मिलते हैं। दूध की एलर्जी से कुछ प्राकृतिक तरीका भी अपना सकते हैं। दूध से होने वाली एलर्जी के लिए सबसे अच्छा घरेलू इलाज हल्दी है। इसमें एंटीइन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो एलर्जी के लक्षणों से छुटकारा दिलाते हैं। शहद का प्रयोग भी दूध से एलर्जी के उपचार के लिए किया जा सकता है। गाजर का रस भी अनार व चुकंदर के रस के साथ प्रयोग किया जाता है।

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