About Me

header ads

सरसो का तेल सर्दियों के मौसम में शरीर के लिए होता है फायदेमंद

सरसो का तेल सर्दियों के मौसम में शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद होता है। इसका इस्तेमाल करने से स्किन सुन्दर नज़र आती है और बालों में रुसी की समस्या नहीं होती। इस तेल में एंटीबैक्टेरियल और ऐंटिफंगल गुण पाए जाते हैं। आइए जानें सरसों के तेल के लाभ आज से नहीं, बल्कि वर्षों से सरसों के तेल को जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों में होने वाले दर्द से निजात पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। नियमित रूप से इस तेल से मालिश करने पर शरीर के रक्त संचार में सुधार हो सकता है। इससे जोड़ों व मांसपेशियों की समस्या को दूर रखने में मदद मिल सकती है। वहीं, सरसों के तेल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड भी जोड़ों के दर्द और गठिया की समस्या में सहायक साबित हो सकता है (1)। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि सरसों तेल के फायदे जोड़ों के दर्द, गठिया और मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करने के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।


सरसों तेल के फायदे हृदय स्वस्थ के लिए भी सहायक हो सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट में प्रकाशित एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, सरसों का तेल मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA & PUFA) के साथ-साथ ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड से समृद्ध होता है। ये दोनों फैटी एसिड मिलकर इस्केमिक हृदय रोग (रक्त प्रवाह की कमी के कारण) की आशंका को 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं (2)। वहीं, एक दूसरे शोध में दिया है कि सरसों के तेल को हाइपोकोलेस्टेरोलेमिक (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला) और हाइपोलिपिडेमिक (लिपिड-लोअरिंग) प्रभाव के लिए भी जाना जाता है (3)। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम कर सकता है और शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे हृदय रोग के जोखिम को कम किया जा सकता है।


कैंसर एक घातक बीमारी है, जिससे हर कोई बचना चाहता है। ऐसे में सरसों के तेल का इस्तेमाल इस समस्या से बचने के लिए कुछ हद तक मदद कर सकता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि एलिल आइसोथियोसाइनेट (सरसों के तेल) में एंटी कैंसर गुण होते हैं, जो कैंसर सेल्स के विकास को रोकने का काम कर सकते हैं (4)। इसके अलावा, एक दूसरा अध्ययन भी यही साबित करता है। इस अध्ययन में कोलन कैंसर से प्रभावित चूहों पर सरसों, मकई और मछली के तेल के असर का परीक्षण किया गया। इस शोध में पाया गया कि कोलन कैंसर को रोकने में मछली के तेल की तुलना में सरसों का तेल अधिक प्रभावी साबित हुआ (5)।
ऐसे में माना जा सकता है कि सरसों के तेल के फायदे कैंसर जैसी समस्या से बचे रहने में भी मदद कर सकते हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि कैंसर एक घातक और जानलेवा बीमारी है, जिसका इलाज डॉक्टरी परामर्श के बिना संभव नहीं। इसलिए, पूर्ण इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें और सरसों के तेल के इस्तेमाल के लिए सलाह लें।

Post a Comment

0 Comments