काफी डिमांड में है कुत्ते का सूप ,जानें क्या है राज

दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। इस वायरस की वजह से दुनिया के कई देश लॉकडाउन कर दिए गए। कई महीनों तक कई देश पूरी तरह बंद थे। हालांकि, अब कई महीनों बाद धीरे-धीरे दुनिया लॉकडाउन खत्म कर रही है। जैसे-जैसे लॉकडाउन खत्म हो रहा है कोरोना के मामलों में बढ़त आई है। कोरोना की शुरुआत चीन के वुहान से हुई थी ,बताया जाता है कि ये वायरस चमगादड़ के मांस से इंसानों में फैला। इस कारण चीन में जंगली जानवरों के मांस पर बैन लगाया गया है। लेकिन इस बीच साउथ कोरिया से भयावह तस्वीर सामने आई है। साउथ कोरिया में डॉग मीट फेस्टिवल की शुरुआत हो चुकी है। 19 जुलाई से शुरू हुए इस फेस्ट में अभी तक कई क्विंटल कुत्ते का मांस बिक चुका है। ये फेस्टिवल अगस्त महीने तक चलेगा। कोरोना के बीच ये फेस्टिवल चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर इस फेस्टिवल की तस्वीरें वायरल हो रही है।


सोशल मीडिया पर नो टू मीट नाम के चैरिटी ग्रुप ने डॉग फेस्ट की कुछ तस्वीरें शेयर की है। इसमें सैंकड़ों कुत्तों को पिंजरे में दिखाया गया है। इन कुत्तों को काटने की तैयारी चलती नजर आ रही है साउथ कोरिया में शुरू हुए इस डॉग फेस्ट में लोगों को हिस्सा ना लेने को कहा गया है। लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं दिखा फेस्ट की शुरुआत के तीन दिन के अंदर ही यहां कई क्विंटल डॉग मीट बिक चुके हैं। यहां आए दुकानदारों को इस फेस्ट पर कोरोना का कोई प्रभाव नजर नहीं आया।
खासकर इस फेस्ट में कुत्ते के बच्चों के मांस की काफी डिमांड है। इन बच्चों के मीट से सूप बनाया जाता है, जिसे लोग काफी पसंद करते हैं।


दरअसल, जब यहां काफी गर्मी पड़ती है, तो लोग कुत्ते के बच्चे के मांस का सूप पीते हैं। जैसे-जैसे मौसम गर्म होता है, इस सूप की डिमांड बढ़ जाती है साउथ कोरिया में शुरू हुए इस फेस्ट को तीन हिस्सों में सेलेब्रेट किया जाता है। 19 जुलाई से शुरू हुआ ये फेस्ट में 8 अगस्त तक चलेगा। नो टू मीट चैरिटी के सीईओ ने कहा कि लोगों को इस फेस्ट का विरोध करना चाहिए। उन्हें इसमें हिस्सा नहीं लेना चाहिए। इससे कोरोना के मामलों में बढ़त आ सकती है लेकिन इसके बावजूद भी लोगों में इसका कोई खौफ नहीं है। लोग जमकर इस फेस्ट में मीट एन्जॉय करते दिख रहे हैं। खासकर इसमें कुत्ते के बच्चे का सूप सबसे ज्यादा डिमांड में है।

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