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इस जगह पर किसी व्यक्ति मृत्यु के बाद शोक नही मनाई जाती है खुशियां ,जानें कारण

कभी आपने सुना हैं? किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई हो, और उस व्यक्ती के परिवार और रिश्तेदार शोक मनाने के बजाए खुशियां माना रहे हो। खुशी से नाच रहे हो।
भारत के दक्षिणी क्षेत्र के तमिलनाडु राज्य में एक ऐसी प्रथा है जिसमे अगर किसी व्यक्ती की म्रुत्यु हो जाती है, तो लोग शौक़ मनाने के बजाय ढोल ताशा बजकर मेहमानों को बुलाकर खुशिया मनाते हैं। ज़ी हा दोस्तो यह परंपरा चौका देने वाली हैं, पर इसका पालन आज भी दक्षिणी भारत में किया जाता हैं।


इस परंपरा के अनुसार व्यक्ति के शव को अच्छे से सजाया जाता है। उसके बाद ढोल ताशा बजाने वालो को और किन्नरों को बुलाया जाता है। लोग शव को उठाते है, और अंतिम संस्कार की रीती के लिए समशान की ओर चल पड़ते हैं। इस बीच रास्ते में ढोल ताशा बजाकर किन्नरो का समूह नृत्य का प्रदर्शन करता हैं। किन्नरो के साथ साथ कुछ लोग अपनी मर्जी से इस नृत्य में हिस्सा लेते है और खुशी से झूमते हैं।
हालांकि ये प्रथा सभी उम्र वालो के लोगो के लिए नही मनाई जाती। इस प्रथा में केवल बुजुर्ग लोगों का समावेश किया जाता हैं। लोगों का कहना है कि जब भी कोई बुजुर्ग व्यक्ती की मौत होती है, तो हम शोक की बजाय खुशिया मनाते है क्यों की उस व्यक्ती ने लंबी उम्र पाई होती हैं। 

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