इस मीनार में नहीं जा सकते भाई बहन एक साथ ,जानें कारण

भारत बहुत सारी विविधताओं से भरा हुआ देश है यहाँ अलग-अलग धर्म जाति के लोग एक साथ रहते हुए आये यहाँ सभी धर्मो ने उन्नति की है. यहाँ पर ऐसी अनेक एतिहासिक मीनारे और इमारतें है जिनका इतिहास और परम्पराएँ बहुत ही रौचक है. आज हम आपको एक ऐसी ही मीनार के बारे में बतायेंगे जिसमे एक साथ भाई-बहन नही जा सकते इसके पीछे का कारण हम आपको आखिर में बतायेंगे.


हम जिस मीनार की बात कर रहे है उसका नाम है लंका मीनार यह भारत के राज्य उतर प्रदेश के जालोन जिले में स्थित है. यह मीनार रावण और उसके पुरे परिवार को समर्पित है आपको जानकर आश्चर्य जरुर होगा कि जिस देश में भगवान राम को पूजा जाता है. वहां रावण का भी मंदिर हो सकता है लेकिन यह बिलकुल सच बात है. इस मीनार में रावण के पुरे परिवार के चित्र उकेरे गये है. इस लंका मीनार का निर्माण स्वर्गीय श्री मथुरा प्रसाद ने 1875 में करवाया था. इस मीनार की ऊंचाई 210 फीट है और घुमावदार चढाई है. कुतुबमीनार के बाद सम्भवतः यह भारत की सबसे ऊँची मीनार है. इसको बनाने के पीछे का कारण अगर हम जाने तो पता चलता है की मथुरा प्रसाद जी रामलीला का आयोजन जीवन-भर करते थे और उसमे हमेशा रावण का किरदार निभाते थे जो उनको बहुत ही प्रिय था इसलिए उन्होंने 1875 में इस मीनार का निर्माण कार्य शुरू किया .


इस मीनार को बनने में लगभग 20 वर्ष का समय लगा था. और उस समय इसकी लागत करीब 1 लाख से अधिक आयी. लंका मीनार में 100 फीट के कुम्भकर्ण और 65 फीट की मेघनाद की प्रतिमाये लगी है जो रावण के भाई थे. इस मीनार के सामने भगवान शिव की प्रतिमा भी है क्यूंकि रावण भगवान शिव का अनन्य भक्त था लंका मीनार में भाई बहन एक साथ नही जा सकते इसका कारण है इस मीनार में चढने के लिए सात बार परिक्रमा करके जाना पड़ता है और विवाह में फेरे भी सात होते है. इसलिए इसमे भाई बहन साथ में नहीं जा सकते. 

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