इस दिव्यांग लड़की को मिला सही लड़के का प्यार ,पढ़िए पूरी खबर

कहते हैं, भगवान किसी को पूर्ण तरह से स्वस्थ बनाता है, तो उसके कुछ संघर्षों की परिभाषा खुद सीखने को कहता है। और कोई दिव्यांग हो, तो वह बहुत कुछ हुनर साथ लेकर आता है |
 काजल एक दिव्यांग लड़की है | उसे पढ़ने व पढ़ाने का बहुत शौक था | उसने अपनी पढ़ाई पूरी कर गोरमेंट टीचर का कंपटीशन फाइट किया। और एक सरकारी कर्मचारी का पद प्राप्त कर लिया | काजल होनहार थी, साथ खूबसूरत भी थी। परंतु परिवार वालों का कहना था कि, इस लड़की से शादी कौन करेगा। इसे अपनाने वाला कैसा होगा। घर वालों को चिंता हो रही थी  परंतु, काजल इस बात पर तनिक भी चिंतित नहीं थी 


वह आराम से अपना काम कर रही थी | उसी शहर में एक लड़का जिसका नाम योगेश था | वह अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था | एक दिन योगेश अपने कुछ काम से मार्केट में गया हुआ था। तभी एक सिरफिरा लड़का बाईक के साथ उस मार्केट में तेजी से निकल रहा था | तभी योगेश गली क्रॉस करते हुए बाइक से टकरा गया। और पास ही खड़ी काजल की तीपहिया स्कूटी पर जा गिरा | उसके हाथ में चोट लग गई  काजल अपनी स्कूटी पर ही बैठी थी। उसने योगेश को संभाला और कहा, “तुम्हें चोट तो नहीं आई” योगेश ने कहा, “मुझे हाथ पर चोट लगी है”| मुझे हॉस्पिटल जाना चाहिए | काजल उसे अपनी स्कूटी में बैठाकर हॉस्पिटल लेकर गई | उपचार के बाद योगेश ठीक था | योगेश ने काजल को धन्यवाद कहा | काजल ने कहा, “ठीक है” | अब मैं तुम्हें घर छोड़ देती हूं | योगेश ने कहा, “आपको तकलीफ होगी, मैं चला जाऊंगा


 काजल ने कहा, “अरे इसमें तकलीफ की क्या बात है | मैं छोड़ दूंगी, आप आइए” | काजल योगेश को घर छोड़ कर अपने घर चली जाती है | काजल के परिवार वाले उसके लिए एक अच्छा सा लड़का ढूंढ रहे थे| और इधर योगेश को भी एक अच्छी लड़की की तलाश थी| कुछ दिनों बाद, योगेश कि रिश्ते की बात काजल के घर तक पहुंच गई  काजल ने लड़के की फोटो देखी, तो उसे पहचान गई, यह तो योगेश है | घर वालो ने पुछा, “तुझे वह पसंद है या नहीं”| काजल ने कोई जवाब नहीं दिया| समय बीतता चला गया | एक दिन, जिस स्कूल में काजल पढ़ाती थी। उसी स्कूल में योगेश किसी काम से आया था | योगेश अपना काम पूरा कर निकला तो उसे काजल सामने वाली क्लास में दिखाई दी योगेश काजल की क्लास में चला जाता है। योगेश को देखकर खुश हो जाती है। और उसे कुछ देर स्टाफ रूम में बठने को कहती है | योगेश स्टाफ रूम में काजल का इंतजार करने लगा। कुछ देर में काजल आ गई | दोनों मे परिवार को लेकर बातचीत होना शुरू हो गई | काजल ने कहा, “कि तुम्हारी शादी का रिश्ता मेरे घर पर आया था तुम, अपने शरीर से हठे - खटे हो। और मैं दिव्यांग हूं। अपना मेल नहीं हो सकता |योगेश काजल को उसी दिन से चाहता था, पर कुछ कह नहीं पा रहा था | उसने कहा, “कि वह रिश्ता मेरे कहने पर ही आपके पास आया था, पर आपकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई| मैंने सोचा, आप शायद मुझे पसंद नहीं करती   काजल ने कहा, “ऐसी बात नहीं है| आप मुझे अच्छे लगते हो, परंतु, इतने में योगेश बोलता है, “आप मुझसे शादी करना पसंद करोगी” | मैं आपसे शादी करने को तैयार हूं | काजल ने कहा, “पर मैं दिव्यांग हूं” | योगेश ने कहा, “इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता” | योगेश ने काजल का हाथ पकड़ते हुए कहा, “कि मुझे तुमसे प्यार करने का मौका दे दो प्लीज” |

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