तुलसी को आंगन में रखने से होते है कई फायदे,जानें

तुलसी के पौधे का महत्व हिन्दू धर्म मे बेहद अहम है। धार्मिक संस्थानों में इसके पान का उपयोग भोग लगाने में किया जाता है। तथा इसका उपयोग हमारी धार्मिक क्रिया विधियो में भी किया जाता है।तुलसी को हिन्दू धर्म मे 'माँ' का दरज्जा दिया गया है। इस पौधे को हर घर के आंगन में पाया जाता है। आइये जानते है तुलसी को आंगन में रखने के पीछे का राज़ और इनके औषधीय गुण। पढ़ते रहिये आगे तुलसी को आंगन में रखने के पीछे का राज़ब हमारे यहां हर हिन्दू के घर मे तुलसी का पौधा पाया जाता है। जिसको बेहद सजाधजा कर रखते है। इसको अगरबती से धूप लगाना, तुलसी पान को कंकु से रँगना तथा इसकी क्यारी को भी हम सजाते है। तुलसी को पूजापाठ के कामो में भी उपयोग लिया जाता है। क्या आपको पता तुलसी को हर घर के आंगन में क्यों रखा जाता है? चलिए जानते है इसके पिछे का राज़।


तुलसी घर आंगन में रखने से तुलसी के पाया जाने वाला तेल आसपास की हवा को जंतुमुक्त कर देता है और हवा को शुद्ध करता है। तुलसी एक ऐसा पौधा है जो पूरे दिन चौबीस घण्टे ऑक्सीजन बनाता है। और इसी के चलते तुलसी को एक हर घर का पौधा बनाया गया है। पहले के जमाने में लोगो को इसकी समज नही थी इसलिए ऋषिमुनियो ने इसको धार्मिक दृष्टि से बताया। जिससे लोगो को घर के आंगन में यह पौधा लगाने के लिए किसी कारण की आवश्यकता नही रही। और आगे चलके आज हर घर के आंगन में पाया जाता है यह तुलसी का पौधा।
सुबह खाली पेट तुलसी के रस को पीने से याददास्त में बढ़ावा होता है। और शारीरिक बल में भी वृद्धि होती है।


एक फ्रेंच डॉक्टर ने तुलसी पर किये गए प्रयोगों के अनुसार बताया कि तुलसी पाचनतन्त्र में फायदा देती है तथा ब्लडप्रेशर को भी नियमित रखने में मददरूप है। सुबह में भूखे पेट हररोज पांच-छः तुलसी के पान लेने से यादशक्ति तेज़ होती है।
मलेरिया तथा फ्लू के बुखार के दौरान तुलसी पान को मरी पावडर के साथ खाने से बुखार कम होता जाएगा।
बारबार बेहोश हो जानेवाले मरीज़ को तुलसी रस में थोड़ा सा नमक मिलाकर नाक में बूंदे डालनी चाहिए जिससे उसको फायदा मिलेगा।
तुलसी किडनी की काम करने की क्षमता में बढ़ावा करता है।
तुलसी के इसके अलावा भी बहोत से फायदे है।इस लीए तुलसी का स्थान हमारे यह बहोत ज्यादा है। आशा करते है कि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी होगी।

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