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अगर आप भी पालते है पालतू बिल्ली तो रहें सावधान हो सकती है ये बीमारियां

बिल्लियां दिखने मे जितनी क्यूट होती है, ये उतने ही चुलबुली स्वभाव की होती है। इनके नटखट अंदाज़ से इन्हें किसी को भी पकड़ने का मन करता है। कुत्ता की ही तरह यह भी एक पालतू व घरेलू जानवर है। हालांकि ये कुत्ते जितने वफादार हो नही होते लेकिन इनकी सुंदरता की वजह से इन पर किसी को भी प्यार आ जाता है। बिल्लियां बहुत रंग के होती है। सफेद, भूरे और कुछ काली बिल्लियां भी होती है। सफेद व भूरी बिल्लियों को ज्यादा पाला जाता है क्योंकी ये दिखने मे बहुत प्यारी होती है।
दोस्तो, आप भी अगर घर मे बिल्लियां पालते है तो इनसे सावधान रहे। कुछ खतरनाक बीमारियां है जो इनसे इंसान को होने का खतरा रहता है। तो आइये जानते है किस तरह से हमे इनसे नुकसान पहुंच सकता है बिल्ली खरोंच रोग:


जिस तरह से कुत्तो के काट लेने या पंजो से नोच लेने से रेबीज़ नाम की बीमारी हो जाती है ठीक उसी प्रकार बिल्लियों के काट लेने या नोच लेने से बिल्ली खरोंच नामक एक बीमारी हो जाती है। यह बीमारी काफी खतरनाक व जानलेवा होती है। इसमे व्यक्ति का नर्वस सिस्टम खराब हो जाता है। सर मे तेज दर्द, तेज बुखार, शरीर मे जलन, मांसपेशियों मे दर्द व अकड़न, हाथ पैरो का नाकाम हो जाना, कभी ठंड लगना तो कभी गर्मी लगना जैसी समस्याएं होने लगती है। इसका इलाज अगर ना किया गया तो इससे व्यक्ति की मौत तक हो जाती है। बिल्लियां पकड़ते समय इनके पंजो व दांतो से सावधान रहे। नोचने या काटने की स्थिति मे तुरंत एंटीसेप्टिक क्रीम लगाये और डॉक्टर को दिखाएं बिल्लियों की पोट्टी से होते है संक्रमण:


क्या आपने कभी सोचा है? बिल्लियां पोट्टी करने के बाद उसे ज़मीन के नीचे ढक क्यों देती है। जब भी बिल्लियों को मल त्यागना होता है, वो ज़मीन को पंजो से खोदना शुरू कर देती है। बिल्लियों के ऐसा करने का मकसद मल से होने वाले रोगों से बचना है। बिल्लियों के मल मे बहुत सारे खतरनाक वायरस व जीवाणु होते है जो खुली हवाओ के संपर्क मे आने पर बिल्लियों के साथ साथ इंसानो मे संक्रमण फैलाते है। जिससे व्यक्ति बहुत गंभीर रूप से बीमार पड़ सकता है। इसीलिये अगर घर मे बिल्लियां है तो उनके मल त्यागने की अलग जगह की व्यवस्था करे जो इंसानो से दूर हो  बिल्लियों के रोएँ से होते है दमा:
घर मे बिल्लियां है तो इनसे सावधान रहे। इसके रोएँ खुली हवाओ मे उड़ते है जो आंखों से दिखाई नही देते। जब ये रोएँ नाक से फेफड़ो मे जाते है तो दमा की बीमारी हो जाती है। यही रोएँ अगर खाना के साथ पेट मे चली जाये तो पेट संबंधी कई बीमारियो को जन्म दे सकती है। बिल्लियां होती तो प्यारी है लेकिन इनसे हमारे स्वास्थ को खतरा भी है इसीलिये इनका विशेष रख रखाव करे और खुद भी सतर्क रहें।

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