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ज्यादा लाल मीट का सेवन करने से होते है ये फायदे और नुकशान ,जानकर आप हो जायेंगे हैरान

ज्यादा लाल मांस का सेवन करने से शरीर के बूढ़े होने की प्रक्रिया में तेजी आती है. एक हालिया शोध में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि रक्त में आयरन की ठीक मात्रा को बनाए रखने से जिंदगी लंबी हो सकती है स्कॉटलैंड व जर्मनी के शोधकर्ताओं ने 10 लाख लोगों के जेनेटिक डाटा की जाँच कर पता लगाया है कि क्यों लोगों का शरीर भिन्न-भिन्न ढंग से बूढ़ा होता है. इस शोध की मदद से आयु संबंधी बीमारियों का उपचार करने के लिए नयी दवाएं विकसित की जा सकेंगी. इनमें हृदयरोग व डिमेंशिया शामिल हैं.


50 की आयु के बाद कम आयरन की जरूरत-
इस शोध में वैज्ञानिकों ने आयरन की ठीक मात्रा का जिक्र नहीं किया है. सरकारी गाइडलाइन के अनुसार 19-50 वर्ष की स्त्रियों को 14.8 मिलीग्राम आयरन की रोजाना आवश्यकता होती है. वहीं, 18 वर्ष की आयु से ऊपर के पुरुषों व 50 वर्ष की आयु से ऊपर की स्त्रियों को 8.7 मिलीग्राम रोजाना की आवश्यकता होती है. यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के शोधकर्ता पॉल ट्रिमर्स ने कहा, आयरन के स्तर को नियंत्रित रखने से आयु संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है. लाल मांस में उच्च मात्रा में आयरन उपस्थित होता है जिससे आयु संबंधी जटिलताएं बढ़ती हैं.


शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में आयु बढ़ने के तीन आयामों पर ध्यान केंद्रित किया. इसमें ज़िंदगी की अवधि, स्वस्थ ज़िंदगी व दीर्घायु शामिल थे. उन्होंने पाया कि इस भी तीन कारकों में आयरन की जरूरी किरदार थी. शोध के अनुसार जो लोग आयरन को चयापचय करने में शामिल थे, वे स्वस्थ व लंबे ज़िंदगी के साथ जुड़े थे. आयरन की ज्यादा या कम मात्रा से आयु संबंधी बीमारियां जैसे पार्किंसंस, गुर्दे की बीमारी या निर्बल प्रतिरक्षा का जोखिम पनप सकता है. शोधकर्ताओं ने बोला कि बढ़ती आयु में ज्यादा लाल मांस का सेवन नहीं करना चाहिए

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