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प्राकृतिक शोधक क्रिया से कब्ज की समस्या को दूर रखने के लिए करें यह उपाय

दमा के कारणों मे आंत का शुद्ध न रहना (कब्ज) भी एक मुख्य कारण है, शोधक क्रियाओं मे जहाँ कफ संग्रहालय को साफ करने का प्रयास किया गया है, आज जिन कारणो से कफ बनती व बढ़ती है, उसमें उफान आता है उसकी सफाई की चर्चा की जा रही है। आंत को शुद्ध करना है उन्हे सबल भी बनाना है। एनिमा का प्रयोग बड़ा हितकर है। आसानी से आंते साफ हो जाता है। आंतो पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। दवा से पेट साफ करने पर आंतों की शक्ति घटती है, क्योकि दवा पेट के लिए एक स्वाभाविक ही विजातीय पदार्थ है, अत: शरीर उसे शीघ्र ही अपने प्रयास से बाहर निकालने की चेष्टा करता है। उस अतिश्रम मे ग्रन्थियो का कितना रसस्राव होता है जिससे उनमें कमजोरी 


आ जाती है। एनिमा के सम्बन्ध में भ्रम - एनिमा प्रयोग के विषय में भी लोगो के मन मे ऐसे भ्रम है पेट कमजोर हो जाएगा अथवा एनिमा की आदत ही पड जाती होगी, या अस्वाभाविक है। उत्तर में निवेदन है कि यह बडा सरल, सहज व स्वाभाविक है। आप घर की नाली की सफाई करने के लिए यही तो सहज साधन अपनाते है, एक बाल्टी पानी की बहाई, पानी के बहाव से स्वत: ही नाली का कचरा बहकर साफ हो जाता है। ऐसे ही आते एक नाली की शक्ल में हैं, पानी बहाने से वे साफ हो जाती है। 
आतें कमजोर यो नहीं पडती क्योकि मल निकालने में आतों को कोई अतिश्रम नहीं करना पड़ता वहा जो पानी जाता है, उसे बाहर आना होता है अपने साथ मल को भी बहा लाता है। 
इसी कारण आदत पड़ने की भी कोई आशंका नही है हाँ। यह स्मरण रखें एनिमा प्रयोग के साथ आहार सयम का पालन करना होगा। ऐसा न हो गलत खायें जो पेट में जाकर जमता हो और आप उस जमते हुए मल को रोज एनिमा की सहायता से निकालें। 

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