जानें हमारी फिलिंग्स हमें नियंत्रित करती है

मानव शरीर के लिए यह कहा जाता है कि उनमें जो फीलिंग होती है वही सब कुछ होती है क्योंकि वही हमें हंसाती है वही हमें रुलाती है और वही हमें गुस्सा दिलाती है। यह जो शरीर है इस शरीर में आत्मा है और आत्मा में भावनाएं हैं और इन भावनाओं के कारण ही हम अच्छे या फिर बुरे इंसान बनते हैं। लोगों का कहना है कि हमें हमारा दिमाग नियंत्रण करता है लेकिन कुछ लोगों का कहना यह भी है कि हमें हमारी भावनाएं नियंत्रण करती हैं।


देखा जाए तो हमें भावना ही नियंत्रण करती है क्योंकि हम हर चीज अपनी भावनाओं के हिसाब से ही करते हैं। अगर हमें किसी से नफरत होती है तो हम उस इंसान से बात नहीं करते और हमारा मन नहीं करता कि हम उस इंसान के पास जाकर बैठे ।अगर हमें किसी से प्यार होता है तो हमारा मन करता है कि हम उसी इंसान के पास हमेशा बैठे रहे और उससे बातें करते रहे।हमारा दिल जो हमें कहने के लिए करता है हम वही करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने दिमाग की ज्यादा सुनते और दिल की कम।दो तरीके के इंसान इस संसार में होते हैं एक वह जिन को उनका मन नियंत्रण करता है दूसरे वह जिनको उनका दिमाग नियंत्रण करता है।


हमारी जुबान नहीं होती है वह कैसी भी हो सकती है हो सकता है कि वह हमारे अंदर अच्छी भावनाएं आ रही हो या हो सकता है कि हमारे अंदर बुरी भावनाएं आ रही है।दिमाग समय हमारी भावनाओं के बारे में बताता है जैसे कि हमारी यह भावना अच्छी है या यह बुरी हमें यह करना चाहिए या नहीं करना चाहिए।इसीलिए कहते हैं कि हमें हमारी भावना ही ज्यादा नियंत्रण करती है क्योंकि हम अपनी भावनाओं की ज्यादा सुनते हैं लेकिन जब हमारा दिमाग हमें यह इशारा करते हैं कि हमारी भावनाएं कुछ गलत है हमें यह नहीं करना चाहिए और कुछ लोग होते हैं जो अपने दिमाग की सुनते भी हैं और कुछ होता है जो नहीं सुनते।

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