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मीठे पकवानों में अक्सर डाली जाती है काली मिर्च होते है ये जबरदस्त फायदे

आज जिस घर की रसोई में मीठे पकवान बनते हैं उसमें काली मिर्च के दाने निश्चित रूप से डाले जाते हैं। आमतौर पर पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर मीठे में खीर बनाई जाती है और सभी के द्वारा मिल बाँट कर बड़े चाव से खाई जाती है। कहते हैं की इससे रिश्तों में मजबूती आती है और आपसी प्रेम बढ़ता है। इस दौरान अपनों की अच्छी सेहत के लिए मीठे पकवानों में विशेष रूप से काली मिर्च डाली जाती है, खीर खाते समय नोट किया होगा की कई बार अचानक मुँह कड़वाहट भरा हो जाता है। किंतु खीर अथवा हलवा बनाते समय काली मिर्च डालने का उद्देश्य खाने में कड़वाह भरना बिलकुल नहीं है।


दरसल, जब से लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता आई है काली मिर्च और लौंग की खपत और भी बढ़ गई है। अधिक डिमांड के चलते इसके दाम हमेशा सातवें आसमान पर रहते हैं क्योंकि अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है की मीठे पकवानों में काली मिर्च डाली जाए। शादी समारोह जैसे अवसरों पर लड्डू और बूंदी में काले दाने कभी कभार दिखाई देते हैं वो काली मिर्च के होते है। बेशक इससे किसी भी खाद्य सामग्री को पचाना आसान है। सूत्रों की मानें तो इसे खाने के अतिरिक्त फायदे बहुत अधिक है मुख्य रूप से काली मिर्च पेट के कीड़े समाप्त करने में कारगर रही है।


यह रोगाणुनाशक क्षमता बढ़ाने से लेकर बाय बादी रोकने में अहम भूमिका निभाती है। इसकी गर्म तासीर के चलते व्यक्ति से जुकाम कोसों दूर रहता है। इसलिए कभी कभार इसका सेवन करते रहना चाहिए और काली मिर्च कड़वी है ये सोचकर खीर या हलवे में से काली मिर्च के दाने अलग न निकालें। जिन्हें खाने में मामूली बदलाव से पेट दर्द, बाय, अपच, खट्टी डकार जैसी रेशानी होने लगती है उन्हें विशेष रूप से काली मिर्च लेनी चाहिए क्योंकि इसकी हल्की मौजूदगी में पाचन दुरुस्त रहता है। जो अपने आप में अच्छी सेहत का आधार है।

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