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आसमान से मछलियों के गिरने का क्या है सच,जानकर चौक जायेंगे

जी हाँ ऐसा काफी बार हुआ हैं कि बादलो से मछली गिरी हो, और मछलियां ही क्यों मेढकों की बारिश भी काफी बार हो चुकी हैं लेकिन शायद आपको जान कर हैरानी ह़ो किन्तु ये होनो बडा ही समान्य हैं और एक दशक में पुरे विश्व में कहीं ना कहीं घटित हो ही जाता हैं अब पता करते हैं कि ऐसा क्यों होता हैं?
बारिश असमान से होती हैं और मछलियां असमान से ही गिरती है तो इसका सिधा सा तर्क ये हुआ कि मछलियां असमान मे कैसे ना कैसे कर के आ जाती हैं और फिर वहीं से बारिश के रूप में गिरती हैं लेकिन मछलियां वहां तक आई कैसे? क्या मछलियाँ असमान में मडराते बादलो में पैदा हो गई? शायद आपके मन मे सबसे पहले यही बात आये लेकिन मछलियां असमान में पैदा नही हो सकती क्योंकि बादलो में जल तरल 


रूप में नही होता बल्कि जलवाष्प के रूप में होता हैं आम भाषा में कहूँ तो भाप के रूप में, और मछलियां भाप में नही रह सकती उन्हें सासं लेने के लिऐ तरल जल होना जरूरी हैं! तो मछलियां ऊपर आई कैसे? इसका बडा सिधा सा कारण हैं चक्रिय हवा या छोटा सा चक्रिय तुफान। असल में होता क्या है कि जब हवा गोल गोल घुमती है और चक्रवात का निर्माण करती हैं और ये चक्रवात कुछ इस तरह का दिखता हैं चक्रवात के केन्द्र मे हवा की तेज गति होने के कारण बारनोल प्रमेय के अनुसार दबाव बहुत कम हो जाता हैं और एक निर्वात सा बन जाता है जहां से जल ऊपर आसमान कि और चढने लगता हैं और पानी का वो भाग ऊपर उठ जाता हैं अगर पानी थोडा उथला हुआ हो(कम गहराई का) तो चक्रवर्ती निर्वात पानी में मौजूद हर चीज को चाहे


 वो मछली हो मेढक हो या फिर कुछ और ही क्यों ना हो पानी के साथ ही ऊपर खीच लेता हैं और उन्हें तब तक गोल गोल घुमाता रहता हैं जब तक की ये चक्रवात धरती को ना छु लें,धरती को छुते ही ये चक्रवात कमजोर पडने लगता हैं और इसमें मौजुद चीजे बारिश के रूप में धरती पर गिरती हैं और हमें ऐसा लगता है कि इन्द्र देव खुश होकर मछलियों की बारिश कर रहे हैं अगर आप गौर से विश्लेषण करें तो पायेगें कि ऐसी घटना उन क्षेत्रों मे ही हुई हैं जो तटवर्तीय हैं क्योंकि ऐसे क्षेत्र ही चक्रवात के प्रभाव में आ पाते हैं लेकिन एक हैरान कर देने वाली बात बताऊं, छोटे चक्रवात तो अपने साथ मछलियां ही उठा कर लाते हैं कितुं बडे चक्रवात इतने भायानक होते है कि वो बडे बडे जहाजो को भी समुंद्र में पलट देते हैं जब इतने बडे चक्रवर्ती तुफान धरती को छुते है तो घरो कि छतो तक को अपने साथ उडा कर ले जाते हैं 

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