About Me

header ads

29 जुलाई को पूरे विश्व में बनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस,जानें

सन 2010 में रूस के सेंट पीट्सबर्ग में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में 'अंतरराष्ट्रीय बाद दिवस' मनाने की घोषणा की गई थी इसे मनाने का उद्देश्य बाघों को बचाना और उनकी घटती संख्या के प्रति लोगों को जागरूक करना हैl
दरअसल अवैध शिकार और वनों के नष्ट होने के कारण विश्व के कई देशों में बाघों की संख्या में काफी गिरावट आई हैंl
गौरतलब है कि भारत सरकार ने बाघों के संरक्षण के लिए वर्ष 1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' की शुरुआत की थी वर्तमान में भारत में कुल 50 टाइगर रिजर्व कोर और बफर क्षेत्र हैंl


इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में 'अखिल भारतीय बाघ हनुमान रिपोर्ट, 2018' जारी कीl
भारत में भी कई टाइगर रिजर्व बनाए गए हैं, आइए जानते हैं, भारत के कुछ फेमस टाइगर रिजर्व के बारे में
कान्हा टाइगर रिजर्व को कान्हा नेशनल पार्क भी कहते हैंl
मध्यप्रदेश के मंडला और बालाघाट जिले में करीब 940 स्क्वेयर किलोमीटर इलाके में यह फैला हुआ हैंl
यह मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है और देश का पहला टाइगर रिजर्व है, जहां टाइगर की अच्छी आबादी हैंl
बाघ के अलावा यहां स्लॉथ बियर बारहसिंगा और जंगली कुत्तों को भी देखा जा सकता हैंl


कनार्टक के चामराजनगर जिले में स्थित है बांदीपुर नेशनल पार्क यह लगभग 874 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ हैंl
बाघों के अलावा यहां हाथियों की भी बड़ी आबादी पाई जाती हैंl
यह पार्क नीलगिरी बायोस्फियर रिज़र्व का हिस्सा हैंl
बांधवगढ़ नेशनल पार् देश के सबसे फेमस नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में से एक है बांधवगढ़ नेशनल पार्कl
यह मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में हैं यह विंध्य की पहाड़ियों के बीच स्थित हैं यह रिजर्व रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है 


और भारत के सभी टाइगर रिजर्व की तुलना में यहां बाघों की संख्या सबसे ज्यादा हैं रणथंबोर नेशनल पार्क भारत के सबसे फेमस टाइगर रिजर्व में से एक है राजस्थान के सवाई माधोपुर शहर के पास स्थित रणथंबोर नेशनल पार्कl
यहां सैंक्च्युरी के अंदर 3 जिले हैं और यही वजह है कि यहां पानी पीने आने वाले वादों को आसानी से देखा जा सकता है, खासतौर पर गर्मी के मौसम मेंl

Post a Comment

0 Comments