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यहां इस मंदिर में शिवलिंग पर 24 घंटे होता है जलाभिषेक,जानें क्या है राज

भगवान शिव का अतिप्रिय माने जाने वाला सावन का महीना चल रहा है। ऐसे में शिव की परम कृपा पाने के लिए लोग उनकी पूजा- अर्चना करते है। मान्यता है कि इस पावन महीने में सच्चे मन से शिव पूजा करने से मनचाहा वर मिलता है। इस दौरान बहुत से लोग अमरनाथ, केदारनाथ और बदरीनाथ के धाम की यात्रा करते है। वैसे तो इन मंदिरों की महिमा भला कौन नहीं जानता है। ऐसे में आज हम शिव जी के एक ऐसे रहस्यमयी मंदिर के बारे में बताते है जिसके बारे बहुत ही कम लोगों को पता है। 


भगवान शिव जी का यह रहस्यमयी मंदिर झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित है। यह टूटी मंदिर के नाम से भी विख्यात है। 
इस मंदिर की खास बात यह है कि यहां 24 घंटे शिवलिंग पर जलाभिषेक होता है। अगर हम शिवलिंग पर जल चढ़ाने की बात करें तो आमतौर पर लोग 2 या 3 बार जलाभिषेक करते हैं। मगर इस मंदिर में पूरे दिन लोगों द्वारा नहीं बल्कि अपने आप शिवलिंग पर जल चढ़ता है, जो कि एक हैरानी भरा विषय है। 
बात अगर इस मंदिर में जलाभिषेक की करें तो इसके पीछे इतिहास छिपा है। माना जाता है कि इस शिवलिंग पर 24 घंटे जलाभिषेक होने का मुख्य स्त्रोत गंगा नदी का जल है। प्राचीन कथा के अनुसार सन् 1925 में जब भारत में अंग्रेजों का राज था। तब उन्होंने जमीन पर रेलवे लाइन बिछाने के लिए झारखंड के रामगढ़ जिले में पानी की खुदवाई करवाई। इसी दौरान 


जमीन के अंदर से अजीब सा गुंबदनुमा प्रकार जैसा दिखाई दिया है। इसके बाद उन्होंने जमीन को गहराई से खोदा और एक प्राचीन मंदिर पाया। जिसमें पहले से ही शिवलिंग स्थापित था। साथ ही उसके ऊपर से निरंतर गंगा जल गिरता था। गंगा जल का यह स्त्रोेत मां गंगा कि प्रतिमा से निकल कर नाभि से हाथों तक जाते हुए शिवलिंग पर गिरता था इस मंदिर की खासबात यह है कि यहां कोई मानव नहीं बल्कि स्वयं गंगा मां इस शिवलिंग का 24 घंटे अपने जल से अभिषेक करती है। उस समय इस अलौकिक दृश्य को देखकर अंग्रेज बेहद हैरान व चकित थे। यहां आपको बता दें, किस तरह गंगा नदी का जल शिवलिंग पर चढ़ाता है। इस बात का रहस्य तो आज तक सुलझ नहीं पाया है। ऐसे में कुछ लोगों और धार्मिक दृष्टि द्वारा इसे शिव भगवान का चमत्कार मानते हुए कहा जा सकता है कि स्वयं मां गंगा भगवान शिव की पूजा करती है।

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