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इस खलाड़ी को दिया हरभजन सिंह ने अपनी कामयाबी का श्रेय ,जानें इस बारे में

हरभजन ने माना कि गांगुली ने करियर के दौरान हर पल उनका सपोर्ट किया। इतना ही नहीं गांगुली का हरभजन पर बहुत ज्यादा असर पड़ा व इसी वजह से हरभजन को एक गेंदबाज के रूप में बहुत ज्यादा कामयाबी हासिल हुई।

गांगुली को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए हरभजन ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा को बताया, 'मेरे करियर में सौरव गांगुली की अहम किरदार रही। मेरे ज़िंदगी में एक बार ऐसा समय भी आया जब मुझे नहीं पता था कि कौन मेरे साथ है व कौन नहीं। उस समय कई लोग सामने से कह रहे थे कि वे मेरे साथ हैं, लेकिन उनमें से कई उस समय मेरे साथ नहीं थे। उस समय, गांगुली ने मुझे सपोर्ट दिया जब मेरे पास कोई नहीं था। चयनकर्ता मेरे विरूद्ध थे, उन्होंने मुझे अपने चेहरे पर बहुत सी बातें बताईं, जिनका मैं खुलासा नहीं कर सकता। मैं गांगुली की जितनी भी तारीफ करूं तो वह कम होगी। यदि वह उस समय कैप्टन नहीं होते, तो मुझे नहीं पता कि उस समय कोई भी अन्य कैप्टन मेरा समर्थन करता या नहीं। '
हरभजन ने कहा, 'अगर किसी खिलाड़ी ने मेरे करियर को सबसे ज्यादा आगे बढ़ाया है, तो वह सौरव गांगुली हैं। अगर वह नहीं होते तो मैं 100 टेस्ट नहीं खेल पाता। सौरव हमेशा गेंदबाजों के लिए खड़े होते थे। वह आपको गेंदबाजी करने की आजादी देते थे व आपका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए गेंदबाज के रूप में आवश्यकता की सभी चीजें देते थे। 'इससे पहले हरभजन ने टीम इंडिया के पूर्व कोच ग्रेग चैपल (Greg Chappell) पर अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय टीम को बर्बाद करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही हरभजन ने यह भी बोला था कि ये भारतीय क्रिकेट का सबसे बुरा दौर था। 2007 वर्ल्ड कप में हिंदुस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए हरभजन ने सिर्फ व सिर्फ चैपल को दोषी ठहराया था।

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