कोरोना इस तरह पहुचता है शरीर को नुकशान,रखें इन बातों का ख्याल

महामारी कोरोना वायरस से निजात पाने के लिए दवा और टीके को विकसित करने के प्रयासों के बीच शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में लघु अंगों को विकसित किया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि कोरोना वायरस शरीर को कैसे और कितना नुकसान पहुंचाता है. शोधकर्ताओं का दावा है कि यह वायरस फेफड़े, लीवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे लोगों में कोविड-19 की जटिलताओं को समझा जा सकता है. नेचर के अनुसार इन ऑर्गेनाइड्स (कृत्रिम रूप से निर्मित कोशिकाओं या ऊतकों का समूह जो अंगों जैसे दिखते हैं) के अध्ययन से पता चला है कि वायरस का हमला फेफड़े से लीवर, किडनी और आंतों तक होता है।



आपकी जानकारी के लिए बता दे कि शोधकर्ता दवाओं के साथ इन अंगों पर प्रयोग कर रहे हैं कि ताकि यह देखा जा सके कि इस तरह का उपचार लोगों के लिए उम्मीद हो सकता है या नहीं. चिकित्सक जानते हैं कि कोरोना वायरस का मानव शरीर पर विनाशकारी प्रभाव होता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह नुकसान सीधे वायरस के द्वारा होता है या फिर संक्रमण की दूसरी जटिलताओं के माध्यम से. नेचर के अनुसार कई समूह ऑर्गेनाइड्स के अध्ययन में जुटे हैं. यह पता लगाने के लिए कि शरीर में वायरस कहां जाता है और इससे कौनसी कोशिकाएं संक्रमित होती हैं और कैसे नुकसान होता है।


इसके अलावा फेफड़ों से सार्स-सीओवी-2 अन्य अंगों में फैल सकता है, लेकिन शोधकर्ताओं को तब तक यकीन नहीं था. जब तक कि मोंटसेराट और उनके सहयोगियों द्वारा 4 मई को सेल में अध्ययन प्रकाशित नहीं हुआ. इसमें बताया कि वायरस कैसे यात्रा कर रहा था. ऑर्गेनाइड्स प्रयोगों में, उन्होंने दिखाया कि सार्स-सीओवी-2 अंत:स्तर को संक्रमित कर सकता है।



कोशिकाएं रक्त वाहिकाओं की परत बना सकती हैं, जो वायरल पार्टिकल्स को रक्त में मिलने और पूरे शरीर में प्रसारित करने की अनुमति देती हैं. कनाडा के वैंकूवर में ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के जेनेटिक इंजीनियर जोसफ पेनिंगर कहते हैं कि कोविड-19 वाले लोगों में क्षतिग्रस्त रक्त वाहिकाओं की पैथोलॉजी रिपोर्ट भी इस परिकल्पना का समर्थन करती हैं.

Post a Comment

0 Comments