राहुल द्रविड़ ने सचिन और गांगुली को टी20 वर्ल्ड कप खेलने से रोका था,जानें क्या है वजह

भारतीय टीम ने 2007 में हुए पहले टी20 वर्ल्ड कप को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में जीता था. हालांकि इस टूर्नामेंट में कई दिग्गज खिलाड़ी टीम का हिस्सा नहीं थे और भारत ने युवा खिलाड़ियों के साथ टी20 वर्ल्ड कप को जीता था. लेकिन 13 साल बाद अब टीम इंडिया के पूर्व मैनेजर लालचंद राजपूत ने खुलासा किया है कि साल 2007 में भारतीय टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ ने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और दूसरे सीनियर क्रिकेटरों को दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में खेलने से रोका था.
राहुल द्रविड़ खुद भी इस टूर्नामेंट में नहीं खेले थे जिसके बाद एमएस धोनी को टी-20 फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी मिली और इस टीम ने इतिहास रच दिया. महेंद्र सिंह धोनी के जादू से भारत ने पहला टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया.


SportsKeeda के साथ लाइव चैट में बात करते हुए लालचंद राजपूत ने कहा, "हां, यह सच है कि राहुल द्रविड़ ने ही सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली को टी20 वर्ल्ड कप खेलने से रोका था. राहुल द्रविड़ इंग्लैंड दौरे पर कप्तान थे और कई खिलाड़ी सीधे इंग्लैंड से ही टी20 वर्ल्ड कप के लिए जोहन्सबर्ग गए थे. इसी वजह से उन्होंने कहा था कि युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जाए."
2007 टी-20 वर्ल्ड कप में एमएस धोनी को पहली बार टीम इंडिया की कप्तानी मिली. इस टीम में वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और अजीत अगरकर जैसे कुछ सीनियर के साथ रोहित शर्मा, आरपी सिंह, रॉबिन उथप्पा, यूसुफ पठान और गौतम गंभीर जैसे युवा क्रिकेटरों का मजबूत कॉम्बिनेशन था.
लालचंद राजपूत ने कहा, "महेंद्र सिंह धोनी काफी शांत रहते हैं. उनकी कप्तानी में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली का कॉम्बिनेशन है. गांगुली काफी आक्रामक कप्तान थे. वो खिलाड़ियों को आत्मविश्वास देते थे और उन्होंने भारतीय टीम की मानसिकता में बदलाव किया. धोनी इसी चीज को लेकर गए."

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